आने वाले कुछ ही दशकों में वैश्विक आबादी 10 अरब के पार जा सकती है। इसका सीधा मतलब है कि हमें अपने कृषि उत्पादन को दोगुने से भी अधिक बढ़ाना होगा। लेकिन आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती कृषि योग्य भूमि का कम होना और भूजल (Groundwater) स्तर का लगातार गिरना है।
आखिर यह पानी जा कहाँ रहा है? इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारी धरती का बढ़ता 'कंक्रीटीकरण' (Concretization)।
मूल समस्या: जमीन का दम घुटना
जैसे-जैसे हमारी सभ्यता और शहर विकसित हो रहे हैं, खुली मिट्टी कंक्रीट (सीमेंट) की मोटी परत के नीचे दबती जा रही है। घर, इमारतें और सड़कें बनाने के लिए हम जमीन को पूरी तरह से पक्का कर रहे हैं।
इसका सीधा परिणाम यह है कि बारिश का पानी जमीन के अंदर रिसकर (Infiltrate) नहीं जा पाता। एक तरफ हम अपनी जरूरतों के लिए जमीन के अंदर से लगातार पानी निकाल रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ कंक्रीट की परत बिछाकर उसे वापस रिचार्ज होने का रास्ता नहीं दे रहे हैं।
शहरों में ही पानी की किल्लत क्यों?
क्या आपने कभी सोचा है कि जब एक ही इलाके में समान बारिश होती है, तो शहरों में पानी 170 फीट या उससे अधिक गहराई पर क्यों मिलता है? जबकि उसी के पास स्थित ग्रामीण इलाकों में पानी महज 40 फीट पर ही मिल जाता है!
यह अंतर हमें एक स्पष्ट सच्चाई बताता है: यह सब 'खुली जमीन' (Open Surface Area) के होने या न होने का नतीजा है। गांवों में बारिश का पानी सोखने के लिए कच्ची जमीन होती है, जबकि शहरों में पानी कंक्रीट पर बहकर सीधे नालियों में चला जाता है।
कंक्रीट के कुछ और गंभीर नुकसान (जो हमें जानने चाहिए):
- शहरी बाढ़ (Urban Flooding): क्योंकि पानी जमीन के अंदर नहीं जा पाता, वह सड़कों पर जमा हो जाता है। शहरों में आने वाली बाढ़ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हमारी अपनी गलतियों का नतीजा है।
- बढ़ता तापमान (Urban Heat Island): कंक्रीट दिन भर सूरज की गर्मी सोखता है और रात में उसे छोड़ता है, जिससे शहरों का तापमान गांवों की तुलना में काफी अधिक रहता है।
- पेड़ों का दम घुटना: केवल पेड़ लगाना ही काफी नहीं है। कंक्रीट पेड़ों की जड़ों तक पानी और हवा नहीं पहुंचने देता, जिससे हरियाली नष्ट हो रही है। उन्हें पनपने के लिए कच्ची जमीन चाहिए।
समाधान क्या है?
हमें अपनी जीवनशैली और निर्माण के तरीकों में बदलाव करने की जरूरत है:
- अनावश्यक कंक्रीट से बचें: घरों के बाहर, आँगन या ड्राइव-वे में अनावश्यक सीमेंट के फर्श बनाने से बचें।
- परमेबल पेवर्स (Permeable Pavers) का उपयोग: पार्किंग स्थल, असेंबली ग्राउंड और फुटपाथ के लिए ऐसे ब्लॉक का उपयोग करें जिनके बीच से पानी रिसकर जमीन में जा सके।
- कच्ची जमीन छोड़ें: निर्माण करते समय कुछ हिस्सा हमेशा कच्चा छोड़ें ताकि धरती सांस ले सके और पानी सोख सके।
जल संकट का समाधान केवल प्रकृति पर निर्भर नहीं है; यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम प्रकृति को अपना काम करने की जगह देते हैं या नहीं।